/* remove this */ Blogger Widgets /* remove this */

Friday, August 30, 2013

UP Recruitment News :समूह ‘ग’ की भर्तियां हुईं टेढ़ी खीर


UP Recruitment News :समूह ‘ग’ की भर्तियां हुईं टेढ़ी खीर

लखनऊ। सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट विवेकाधीन शक्तियां कम करने का निर्देश देते रहे हैं। सरकार के राजस्व जैसे विभाग अपने नियमों में बदलाव कर ऐसे निर्देशों का पालन भी कर रहे हैं लेकिन ग्राम्य विकास, पंचायती राज और समाज कल्याण जैसे विभागों ने समूह ‘ग’ की भर्तियों में शैक्षिक रिकॉर्ड के बराबर इंटरव्यू को दम देकर सवालों को हवा दे दी है।

प्रदेश में इस समय ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव), ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम सेवक) और ग्राम विकास अधिकारी (समाज कल्याण) जैसे पदों पर भर्तियां चल रही हैं। इसके लिए विज्ञापन निकाले जा चुके हैं। राजस्व विभाग लेखपाल पद पर भर्ती की तैयारी कर रहा है। सचिव, ग्राम सेवक जैसे पदों पर भर्ती के लिए जहां 100 नंबर की मेरिट में 50 नंबर शैक्षिक व अन्य रिकॉर्ड के लिए तय किए गए हैं, वहीं 50 नंबर साक्षात्कार का होगा। यानी 50 नंबर के शैक्षिक रिकॉर्ड में अभ्यर्थी यदि 45 नंबर भी पाता है तो भी वह अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित रहेगा। वजह, 50 नंबर के शैक्षिक व अन्य रिकॉर्ड में 20 नंबर भी पाने वाला इंटरव्यू में 50 नंबर हासिल कर उसे पीछे छोड़ सकता है। और वह शैक्षिक रिकार्ड में 45 नंबर पाने के बावजूद यदि इंटरव्यू में चयन समिति के सदस्यों को अपने व्यक्तित्व व अभिव्यक्ति क्षमता से प्रभावित न कर सका तो फिर उसका नौकरी की होड़ से बाहर होना तय है


Source : Information taken from FB


2 comments:

  1. Gram Panchayat Adhikar (Panchayat Sachiv), Gram Vikash Adhikari (Gram Sevak) Avaedan ho raha hai kya ?

    ReplyDelete
    Replies
    1. Gram pancgayat ke liye kiya...kiya yogiyata hai. Batana jara...jarur batai

      Delete

Please do not use abusive/gali comment to hurt anybody OR to any authority. You can use moderated way to express your openion/anger. Express your views Intelligenly, So that Other can take it Seriously.
कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय अभद्र शब्द या भाषा का प्रयोग न करें। अभद्र शब्दों या भाषा का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। टिप्पणी लेखक का व्यक्तिगत विचार है और इसका संपादकीय नीति से कोई संबंध नहीं है। प्रासंगिक टिप्पणियां प्रकाशित की जाएंगी।