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Friday, August 9, 2013

UPPSC : लोक सेवा आयोग पर चयन प्रक्रिया में ओवरलैपिंग फार्मूला लागू करने का आरोप 27 मई के बाद सभी साक्षात्कार पर सवाल


UPPSC : लोक सेवा आयोग पर चयन प्रक्रिया में ओवरलैपिंग फार्मूला लागू करने का आरोप
27 मई के बाद सभी साक्षात्कार पर सवाल

पीसीएस-2011 मेन्स, प्रवक्ता इतिहास एवं बीएड का परिणाम निरस्त करने के बाद तेज हुई मांग

इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 27 मई को आरक्षण लागू करने के तरीके में किए गए बदलाव के बाद घोषित कई परिणाम निरस्त कर दिए गए हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि 27 मई के बाद हुए सभी साक्षात्कार और चयन को आयोग कब निरस्त करेगा। पीसीएस-2011 मुख्य परीक्षा, राजकीय डिग्री कॉलेज प्रवक्ता इतिहास एवं बीएड की अंतिम परीक्षा का परिणाम और अवर अभियंता के 543 पदों के लिए हुए साक्षात्कार को तो निरस्त कर दिया गया है। लेकिन अभी भी कई ऐसे परिणाम और साक्षात्कार हैं जो 27 मई के बाद हुए थे लेकिन निरस्त नहीं किए गए है
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि लोक सेवा आयोग कुछ चुनिंदा भर्ती के परिणाम तो निरस्त कर रहा है परंतु अभी तक 27 मई के बाद और 26 जुलाई के पहले हुए सभी साक्षात्कार और चयन को निरस्त नहीं किया है। प्रतियोगी छात्रों ने जून-जुलाई में हुए सभी साक्षात्कार और चयन की प्रक्रिया को नए आरक्षण नियमों के तहत बताया है। प्रतियोगी छात्र मनोज मिश्र, अखिलेश श्रीवास्तव का कहना है कि आयोग ने जून में राजकीय डिग्री कॉलेज के लिए प्रवक्ता समाज शास्त्र, वाणिज्य, मनोविज्ञान और पीडब्ल्यूडी के जेई पदों के लिए साक्षात्कार करवाए थे। इन पदों के लिए साक्षात्कार में आमंत्रण के पहले दौर में ही ओवरलैपिंग करवाकर आयोग ने आरक्षण के नए नियम को लागू किया है। इन पदों का रिजल्ट रद्द करके नए सिरे से साक्षात्कार कराने की मांग प्रतियोगी छात्रों ने की है
आयोग ने जुलाई महीने में संस्कृति निदेशालय में क्षेत्र सहायक के पद पर साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया था। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग में प्रवक्ता माइक्रोबायोलॉजी, प्रवक्ता इतिहास, संस्कृति निदेशालय में संग्रहालयाध्यक्ष, वाणिज्यकर विभाग में सांख्यिकी अधिकारी और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में रीडर पद के लिए साक्षात्कार हुआ था। प्रतियोगी छात्रों ने इन सभी पदों के रिजल्ट और साक्षात्कार को निरस्त कर नए सिरे से साक्षात्कार के लिए सूची बनाने की मांग की है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि आयोग ने इन सभी साक्षात्कार के लिए बुलावा भेजने में ही ओवरलैपिंग कराई है। ऐसे में यह आयोग के मानक के खिलाफ है।


News Sabhaar : Amar Ujala ( 9.8.13)